हिन्दू मुस्लिम भाई भाई हैं।

भारतीय मुसलमानों के उत्पत्ति को लेकर मैं हमेशा से उत्सुक रहा हूँ। मेरी उत्सुकता थोड़ी शांत हुई जब मैंने इतिहास के पन्नों को पलटा। पता चला कि भारतीय मुसलमानों के पूर्वज हिन्दू थे। जब मुग़ल आए थे तब बहुत सारे हिन्दुओं को डरा धमकाकर, मार पीटकर मुसलमान बनाया था। अंग्रेजों ने जले पर नमक छिड़का और इनको यह कहा कि हिंदू तुम्हारे भाई नहीं दुश्मन हैं। तबसे यह दुश्मनी अनवरत जारी है। भारत पाकिस्तान के बँटवारे के बाद हालात और बदत्तर हुए। दिलों में दरार और गहरा होता चला गया।
                             अब आज के हालात पर ग़ौर करें तो पाते हैं कि वह दरार एक बदले की भावना और आगे बढ़ने, अपनी ताक़त का दिखावा करने, Negative competition का रुप ले चुका है। धर्म और धार्मिक गुरु, राजनीतिक दल हालात और ख़राब कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आज अगर मुसलमान इस देश को अपना मानकर प्यार ख़ुलूस से रहें तो भाईचारा फिर से बढ़ेगा और दिलों में पड़ा दरार भरेगा। धर्म हमें भटकाते हैं। मानवता और भाईचारा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। ख़ासकर नई पीढ़ी को यह बात समझना बहुत ज़रूरी है कि पूर्वज हमेशा सही नहीं थे। बदलते वक्त के साथ साथ बदलना बहुत ज़रूरी है। आज हमें एक होकर रहने की आवश्यकता है। तभी हम बाहरी देश के दुश्मनों से इस देश को बचा सकते हैं। और नहीं तो बाहरी लोग हमें आपस में लड़वाकर उसका फ़ायदा उठाते रहेंगे।

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