आज का हिन्दुस्तान

आज हम सभी भारतीय बड़े ही अजीबो-गरीब राजनीतिक तानाशाही का सामना कर रहे हैं!! कहने के लिए ये एक लोकतांत्रिक गणराज्य है लेकिन वर्तमान सरकार जिस तरह से पत्रकारों, मीडिया, सोशल साइट्स को कंट्रोल कर रही है वह दिन दूर नहीं है जब हमको सिर्फ एक पार्टी और एक नेता के तारीफ ही करते रहना पड़ेगा क्योंकि आलोचना, समालोचना इनको पसंद नहीं है!! 
                  आज पूरे देश को धार्मिक और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के माध्यम से बांट दिया गया है!! धर्म का इस्तेमाल नफ़रत फ़ैलाने के लिए किया जा रहा है!! 
                    विकास के नाम पर सिर्फ एक दो औद्योगिक परिवार को ही पूरे देश की सारी बड़ी योजनाएं सौंपी जा रही है!! किसी भी सरकारी संस्थान में आप चले जाईए बिना करप्शन के कोई भी काम नहीं किया जा रहा है!! हाॅस्पीटल्स में छोटी से छोटी दवा, वैक्सीन उपलब्ध नहीं है क्योंकि डाॅक्टर करप्ट हैं!! हाल ही में मैं एक मुंबई के सरकारी अस्पताल में टेटनस वैक्सीन लेने गया तो मुझे कहा गया कि आपको बाहर से वैक्सीन, सिरींज, मास्क सब ख़रीद कर लाना होगा क्योंकि यहां कुछ भी उपलब्ध नहीं है!! 
                 शिक्षा और रोजगार का हाल इतना बुरा है कि कोई भी परीक्षा बिना पेपर लीक हुए नहीं हो रहा है!! सरकारी स्कूलों काॅलेजो में टीचर्स नहीं है और जो है उनको पढाना नहीं आता सिर्फ सरकारी फंड का गबन करना आता है!! 
               बोलना ज़रूरी है खासकर उन भारतीयों को जिनके बोलने से कुछ बदलाव होने की संभावना है! ये सरकार लगभग सारे टीबी चैनल्स को खरीद चुकी है! ये तानाशाह सरकार स्वतंत्र पत्रकार, यूट्यूबर्स की आवाज़ को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है जो लोग ईमानदारी से सरकार के ग़लत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं!! बाद में परेशान होकर वो चंद लोग भी बोलना बंद कर देंगे और सरकार के हां में हां मिलाएंगे!! 
                       देश में आज मंदिर, एयरपोर्ट से ज़्यादा ज़रूरी अच्छी सड़क, ज़्यादा अच्छे ट्रेन्स, अच्छे ईमानदार डाॅक्टर, टीचर्स, ज़्यादा रोजगार की आवश्यकता है!
                           इतने वर्षों में वर्तमान प्रधानमंत्री ने एक भी प्रेस वार्ता नहीं किया है!! सवाल पूछने से डरने वाले क्या शासन करेंगे!! महंगाई ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की कमर तोड़ रखी है, हालांकि बहुत पैसेवाले जो २% धनाढ्य लोग हैं उनके डिक्शनरी में महंगाई शब्द नहीं होता!! ये बहुत बड़ी सच्चाई है कि ये देश मध्यमवर्गीय लोग ही चला रहे हैं न कि २% सुपर रिच भारतीय!!
                           समाधान के नाम पर मुझे लगता है कि सबसे पहले हम सबको ग़लत होता, करप्शन करते हुए देखकर चुप नहीं रहना है!! आवाज़ उठाईए ताकि आनेवाली पीढ़ियां ये कह सके कि हमारे पूर्वजों ने करप्शन के खिलाफ आवाज बुलंद किया था!! चुनाव आने पर कोशिश कीजिए कि जो ज़्यादा नैतिक और ज़्यादा पढ़ा लिखा ईमानदार है सिर्फ उसी को वोट दिया जाए चाहे मुखिया चुनना हो या प्रधानमंत्री!! 
थोड़ा रूककर सोचिएगा! 😇🎭😇
जय हिन्द जय भारत!!

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