भगवान श्री कृष्ण अवतार नहीं तो क्या थे?
भगवान श्री कृष्ण अगर अवतार नहीं तो फिर क्या थे? योगीराज भगवान श्री कृष्ण जब श्री मद्भगवत गीता में विश्वरूप धारण करके कहते हैं कि मैं ही संपूर्ण जगत का पिता और माता हूं तब यह समझना चाहिए कि यह कोई साधारण ग्वाला पुत्र या देवकी नंदन कृष्ण नहीं थे जो बस मनुष्य रुप में आकर कुछ चमत्कार या रासलीला या कंसवध करके या महाभारत युद्ध में मुख्य भूमिका निभाकर चले गए बल्कि उनका पूरा जीवन एक अद्भुत कार्यों से परिपूर्ण है जिसको ध्यान से देखें तो लगता है कि यह कोई साधारण मनुष्य नहीं था बल्कि एक अवतरित पुरुष था जिसने गीता ज्ञान से पूरी मनुष्य जाति को ज्ञान से ओतप्रोत करके चला गया!! विश्वरूप योगीराज भगवान श्री कृष्ण सभी कलाओं में पारंगत, सुदर्शन चक्र से युक्त, कुटनीति में माहिर, युद्ध कला में निपुण, वेदों और उपनिषदों के महान् पंडित थे!! उनके जीवन का हर पड़ाव हमें जीवन के अलग अलग प्राथमिकताओं से अवगत कराता है!! बचपन में जीवन को एक खेल की तरह खेलना साथ ही बीच बीच में ये दि...